एक छोटी पेंसिल एक विशाल याद्दाश्त से कहीं बेहतर है
मुकाम वो चाहिए मुझे, की जिस दिन भी हारु , . उस दिन जीतने वाले से ज्यादा मेंरे चर्चे हो
~Kabhii Aaye Ga Use Bhi Mera Khayal, Shayad Yeh Bhi Mera Khayal Hy .. ‘
~Hum To Agaaz’E-Mohabbat Mein Hi Lutt Gy, Log Toh Kehte The Ke Anjaam Bura Hota Haii .. ‘
मोहब्बत दो लोगो की…. बातें सौ लोगो की…
है एक शख़्स ऐसा भी, जो किश्तों में मार रहा है मुझे !!
काग़ज़ पे तो अदालत चलती है.. हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।
मै और मेरा रब्ब रोज भूल जाते है वह मेरे गुनाहो को मै उसकी रहमतो को
लोग क़दर तभी करते हैं जब उन्हें मुँह लगाना छोड़ दो
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