अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी, आशिक़ हो या हो आतंकवादी
~Gar Tum Jo Saath Aa Gey Hote, Ziindagi Har Tarah Se Mumkin Thi .. ‘
उन्हें शिकायतों से शिकायत रहने लगी है, अब हम शिकायत जो नहीं करते!
त्यौहारों के बहाने ही सही, रिश्ते तो घर लौट आते है…
~Jaley Ka Ilaaz Burnol Se .. Jealousy Ka Ilaaz Chitrol Se .. ^
मेहनत इतनी खामोशी से करो कि . “सफलता शोर मचा दे”
जुबान सुधर जाए तो जीवन सुधरने में वक़्त नहीं लगता।
मेरे साथ बैठ कर वक़्त भी रोया एक दिन बोला बन्दा तू ठीक है मैं ही ख़राब चल रहा हूँ
ख्वाब मत बना मुझे सच नहीं होते, साया बना लो मुझे साथ नहीं छोडेंगे..!!
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