उनसे मिलने को जो सोचों अब वो ज़माना नहीं,
घर भी कैसे जाऊं अब तो कोई बहाना नहीं,
मुझे याद रखना कहीं तुम भुला न देना,
माना के बरसों से तेरी गली में आना-जाना नहीं।
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अजीब ज़ुल्म करती हैं तेरे यादें मुझ पर सो जायूं तो उठा देती हैं उठ जायूं तो रुला देती हैं
क्यूँ सताते हो.. हमे बेगानो की तरह.. कभी तो चाहो.. चाहने वालों की तरह..
Dil ko aata hai jab bhi Khyaal Unka, Tasvir se puchte hain phir Haal Unka, Wo kabhi humse pucha karte Continue Reading..
तुम्हारे बाद मेरा कौन बनेगा हमदर्द, मैंने अपने भी खो दिए, तुझे पाने की ज़िद में….. !!
~Tabeer Hii Sochtey Rahe Adhoore Khawabon Kii, Aur Neend Ankhon Kii Dehleez Par Taraptii Reh Gaye .. ‘
मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर.. मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हें याद करते करते..!!
वो आते है मेरे सामने, तो अश्क भी निकल आते है सिसकियाँ लेकर,, फिर लगता है मुझसे ज्यादा, मेरे अश्कों Continue Reading..
“सूखे हुए दरिया से इक नाव लगी कहने, अपना भी जाने अब किस बात से रिश्ता है