मैं अपने हौसले को यक़ीनन बचाऊँगा..
घर से निकल पड़ा हूँ तो फिर दूर जाऊँगा…बादल को दे के दावतें इस फ़िक्र में हूँ मैं
कागज़ के घर में उसको कहाँ पर बिठाऊँगा.
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~Ehsaas Khatam Jazbaat Dafan Dil Tootey Aur’ Jaan Chootey .. ‘
सोचूँ तो सिमट जाऊँ, देखूँ तो बिखर जाऊँ,, हर लम्हा तेरी चाहत, जाऊँ तो कहाँ जाऊँ …?
अदॅर से तो कब के मर चुके है… ऎ मोत तू भी आजा… ये लौग सबूत मागॅते है ।
बिन तेरे जीने में आज मलाल आया, जाने क्यों आज इतना तेरा ख्याल आया,, सूख गया था मेरी आँखों का Continue Reading..
~Maloom Hota Haii Bhool Gey Ho Shayad, Yaah Phiir Kmaal Ka Sabar Rakhtey Ho .. ‘
Wohi hua na, Bichadne Pe Baat aa Pahunchi.. Tujhe kaha Tha, Purane Hisaab Rehne de…
~Dhoka Deti Hai Masoom Chehron Ki Chamak Aksar, Har Kaanch K Tukray Ko Heera Nahi Kehte .. ^
* मोहब्बत का नतीजा, दुनिया में हमने बुरा देखा, जिन्हे दावा था वफ़ा का, उन्हें भी हमने बेवफा देखा.