“मंजिल” भी उसकी थी.. “रास्ता” भी उसका था..
एक मैं “अकेला” थी बाकी “काफिला” भी उसका था..
.. 😐😐
साथ-साथ “चलने” की सोच भी उसकी थी..
फ़िर “रास्ता” बदलने का “फ़ैसला” भी उसका था..
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“Kisi ne mujhse pucha.. “kaisi hai ab zindagi”….! Meine muskura kar jawaab diya,, ” Ab mujhe yaad nahi karti. Khush Continue Reading..
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Hamare baad nhi aaye ga tumhe chahto ka aisa mja!! Tum logo ko khte firo ge, hume chaho uski tarah!!
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