दुनियाँ में इतनी रस्में क्यों हैं,
प्यार अगर ज़िंदगी है तो इसमें कसमें क्यों हैं,
हमें बताता क्यों नहीं ये राज़ कोई,
दिल अगर अपना है तो किसी और के बस में क्यों है
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~Wajah Pucho Gey To Umar Beet Jayegii .. Kaha Na Zehar Lagtey Ho To Bas Lagtey Ho .. ^
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