गाँव में फिल्मों का प्रचार आज भी रिक्शा पर लाउड-स्पीकर लगा कर किया जाता है। एक दिन ऐसी ही एक फिल्म का प्रचार हो रहा था। फिल्म का नाम था “बड़े घर की बहु रानी”। “बड़े घर की बहु रानी” का मज़ा लीजिये, दिन में चार बार, 9 से 12, 12 से 3, 3 से 6 और शाम 6 से 9।
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