गाँव में फिल्मों का प्रचार आज भी रिक्शा पर लाउड-स्पीकर लगा कर किया जाता है। एक दिन ऐसी ही एक फिल्म का प्रचार हो रहा था। फिल्म का नाम था “बड़े घर की बहु रानी”। “बड़े घर की बहु रानी” का मज़ा लीजिये, दिन में चार बार, 9 से 12, 12 से 3, 3 से 6 और शाम 6 से 9।
Related Posts
जरा सी बारिश हुई नही कि अखबार में भीगी लडकियों की तस्वीरें छपने लगीं जैसे हम लड़के तो Waterproof पैदा Continue Reading..
आलिया अपनी साइकिल का ब्रेक हाथ में लेकर नाच रही था। करण ने पूछा: क्या कर रही हो? आलिया : Continue Reading..
वो आंख बड़ी ही प्यारी थी जो उसने हमें मारी थी. . . . . . . . .हम तो Continue Reading..
कभी कभी मैं सोचता हूँ कि… 🖐🏽😎 . . . 🤢👇🏽👇🏽👇🏽 . . . मरने के बाद अपने नेत्र कानून Continue Reading..
जिस ने ज़ल्द बाज़ी में शादी की उसने अपना जीवन बिगाड़ लिया।।* . वाह! वाह! वाह! वाह! . *और जिसने Continue Reading..
आज का ज्ञान •• जिस प्रकार काली मिर्च कभी गोरी नहीं हो सकती: ठीक उसी प्रकार गरम मसाला कभी ठंडा Continue Reading..
“हसबैंड गुस्से में : क्या तुमने मुझे कुत्ता कहा ? पत्नी : चुप। हसबैंड:क्या तुमने मुझे कुत्ता कहा ? पत्नी Continue Reading..
Ek bacha har roz maths teacher ko phone lagata. . Teacher ki patni- tumko kitni baar kha hai ki woh Continue Reading..
