Preet Singh Leave a comment *रोने से तो आंसू भी पराये हो जाते हैं,* *लेकिन मुस्कुराने से…* *पराये भी अपने हो जाते हैं !* *मुझे वो रिश्ते पसंद है,* *जिनमें ” मैं ” नहीं ” हम ” हो !!* *इंसानियत दिल में होती है, हैसियत में नही,* *उपरवाला कर्म देखता है, वसीयत नही…* Copy