सूरत बदल रही है सिरत बदल रही है !!
कुछ मौसम ए उम्र और कुछ फितरत बदल रही है !!
बातो में अब तो मेरे वो सादगी नही रहती
इंसान ही हु मैं पर अब इंसानियत निकल रही है !!
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कार तो कोई भी खरीद लेगा। पर तेरी औकात का पता इंसानियत से ही चलेगा।
अपनी गलतियो से तकदीर को बदनाम ना करो क्योकि तकदीर तो खुद हिम्मत की मोहताज होती है
यदि हर सुबह नींद खुलते ही आप अपने लक्ष्य के प्रति उत्साहित नहीं है तो…? आप ज़िन्दगी जी नहीं रहे Continue Reading..
कंजूस जैसा कोई दाता नहीं है। वह अपनी सारी संपत्ति दूसरों को देकर चला जाता है।
जब इंसान सफल होने लगता है, तब इंसान खुश नही होते हैं, बल्कि जलने लगते हैं।
*कुछ बोलने और तोड़ने में केवल एक पल लगता है* *जबकि बनाने और मनाने में पूरा जीवन लग जाता है।* Continue Reading..
वो अपनी गली की रानी होने का गुरुर करती है . नादान . ये नही जानती की हम उसी शाहर Continue Reading..
हर रिशते से नूर बरसेगा, बस शर्त इतनी सी है कि रिशतो मे शरारते करो साजिशे नही