Preet Singh Leave a comment मैं भले ही वो काम नहीं करता जिससे खुदा मिले… पर वो काम जरूर करता हूँ…जिससे दुआ मिले.’;.. इंसानियत दिल में होती है, हैसियत में नही, उपरवाला कर्म देखता है, वसीयत नही.. Copy