मैं भले ही वो काम नहीं करता जिससे खुदा मिले…
पर वो काम जरूर करता हूँ…जिससे दुआ मिले.’;..
इंसानियत दिल में होती है, हैसियत में नही,
उपरवाला कर्म देखता है, वसीयत नही..
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कीमत क्या हैं हमारी, उसे मालूम नहीं , उसकी ख्वाहिश है कि हम मुफ्त में हासिल हो जायें।|
लोग चले थे राजनीती सिखाने हमने भी कह दिया, पहेले निति पे चलो “राज” करना हम सिखा देंगे.
सीधे आदमी है,सीधे आदमी की तरह रहने दो…. अगर दादागीरी पे आ गए ना तो वही पुराना अंदाज, सरपे ताज Continue Reading..
हुकुमत वो ही करता है जिसका दिलो पर राज हो!! वरना यूँ तो गली के मुर्गो के सर पे भी Continue Reading..
ना pimple वाली के लिये, ना dimple वाली के लिये, ये photo है सिर्फ अपनी simple वाली के लिये