इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी मुझे फिर से आज जीने की वजह मिल गयी
Mat puchh kaise guzar rahi hai zindagi, Us daur se guzar rahi hu jo guzarta hi nahi
~ Roothi Agar Tujhse Toh Iss Andaaz Se Roothu’Gi, Ke Tere Shehr Ki Mitti Bhii Mere Wajood Ko Tarse’Gi .. Continue Reading..
वो मोहब्बत भी जहर बन जाती है….. अगर किसी को हद से ज्यादा चाहो……
मेरा वक़्त बोला मेरी हालत को देख कर, मैं तो गुजर रहा हूँ तू भी गुजर क्यों नहीं जाता.
जो लम्हा साथ हैं, उसे जी भर के जी लेना. कम्बख्त ये जिंदगी.. भरोसे के काबिल नहीं है.!
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने….. हमें इश्क का शौक है, आवारगी का नही…
मेरी ज़िन्दगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला. मैं Haari भी तो apne ही Raaje से..!!
Wo royea zaroor hoga, Khali kagaz dekh kar, Zindagi kaisi beet rahi hai,Poocha tha jawab mein..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *