बहुत सौचकर आज खुद से ये सवाल किया मैने, . . ऐसा क्या है मुझमे के लोग मुझसे वफा नही करते… .
Related Posts
~ Ek Chehre Pe Hazzar Chehre Haii, Kis Chehre Ka Aitbaar Karoon .. ‘
ख्त्म कर दी थी…. जिन्दगी की ……हर खुशियाँ ….तुम पर,….* *कभी फुर्सत मिले …..तो सोचना …..मोहब्बत किसने की थी……*
~Kitnii Dilkash Hai Us Ki Khamoshii, Sarii Bateiin Fazool Hon Jaiise .. ‘
BhT BADNASEB HOTA HA WO JO APNE SUCHÍ MUHABAT KE KADAR NÌ KARTA
हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन पाओगे, नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग जाओगे !
~Terii Be’Rukhi Ka Anjaam Ek Din Yehii Hoga, Aakhiir Bhula Hii Denge Tujhe Yaad Karte Kartey .. ‘
हम गुम थे एक खयाल में इस कदर खुद को ढूंढने का वक्त ही नहीं मिला
मैं भी कभी हँसता, खेलता था….!! कल एक पुरानी तस्वीर में, देखा था खुद को.
