मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है, उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…
ज़िन्दगी इतनी मुश्किल इसलिए है, क्यूंकि लोग आसानी से मिली चीज की कीमत नहीं जानते !!
पढ़ रहा हूँ मै इश्क़ की किताब ऐ दोस्तों…… ग़र बन गया वकील तो बेवफाओं की खैर नही – v
Tu ek bhi baar humse mili nahi warna, Tere hi dil ko tere hi khilaaf kar dete..!!
आज भी प्यारी है मुझे तेरी हर निशानी .. फिर चाहे वो दिल का दर्द हो या आँखो का पानी।
खेलने दो उन्हें जब तक जी न भर जाए उनका.,…, मोहब्बत 4 दिन की थी तो शौक कितने दिन का Continue Reading..
” मेरी हस्ती को तुम क्या पहचानोगे, हजारो मशहूर हो गए मुझे बदनाम करते करते ” l
शिकवे तो बहुत है,मगर शिकायत नही कर सकते…!! मेरे होंठों को इजाजत नही है,तेरे खिलाफ बोलने कि !
देख तेरी आँखे भी कमाल करती हैं, मुझ से पर्सनल_पर्सनल सवाल करती हैं..!
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