हमने भी अब ठान लिया है, तुम दर्द दो और हम मुस्कुराएंगे !!
दोनों साथ गये हैं वक्त बिताने डिनर पर.. बातें मगर उनसे.. मोबाइल कर रहा है!
मुझे छोड़ कर जिसके करीब गये हो तुम…. सुना है उससे… तुम हर बात पर मेरी मिसाल देते हो….
यकीन नहीं होता फिर भी कर लेता हूँ…!!! . . जहाँ इतने हुए..एक और फरेब हो जाने दो…!!!
क्या करामात है कुदरत का जिन्दा इँसान पानी मे डुब जाता है और मुर्दा तैर के दिखाता है
कोई वकालत नही जलती जमीन वालो की, जब कोई फैसला आसमान से उतरता है
~Main Apni Raaton Ka Jagna Kis Se Karun Bayan Ek Tanhai Hai Jo Puchti Bhi Nahi Aur Gale Laga Leti Continue Reading..
अगर मेरी माँ और उसकी होने वाली बहू मेरे साथ है, तो इस कमबख्त दुनिया की मेरे सामने क्या औकात Continue Reading..
Wo ‘mili bhi to sirf khuda ke darbaar mein, Ab tum hi batao yaaron hum ‘ibaadat karte ya mohabbat’.
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