सारा बदन अजीब से खुशबु से भर गया शायद तेरा ख्याल हदों से गुजर गया..
Jindagi me kisi ki itni be kader na kro ki jindagi khud bekder lagne lage…
समय के एक तमाचे की देर है प्यारे मेरी फकीरी क्या, तेरी बादशाही क्या
किताबें भी पढ़ने का शौक़ नहीं था हमें, और इस इश्क़ ने आँखें पढ़ना सिखा दिया !!
Bahut khaas the kabhi nazro mai kisi ke hum bhi, Magar nazro ke takaze badalne main der kaha lagti hai
मुझे मालूम था कि वो रास्ते कभी मेरी मंजिल तक नहीं जाते थे .. फिर भीमैं चलता रहा क्यूँ कि Continue Reading..
इक तो नहीं सजन मेरे पास नही रे… दूजे मिलन दी कोई आस नही ऱे….
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोह्हबत से नफ़रत हो गयी
Mat puchh kaise guzar rahi hai zindagi, Us daur se guzar rahi hu jo guzarta hi nahi
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