jindaa rhne k liye…. rooh ki jrut hoti h saash ki nhi..
अभी गुमनाम हूँ तो फासला बना रखा है, कल.. मशहूर हो जाऊं तो कोई रिश्ता मत निकाल लेना !
शुक्र है हँसी बाजार में नहीं बिकती साहब, वरना लोग गरीबों से यह भी छीन लेते
धोखा देती है अकसर मासुम चेहरो की चमक हर काँच का टुकडा हीरा नही होता
कैसे करूँ मैं साबित…कि तुम याद बहुत आते हो… एहसास तुम समझते नही…और अदाएं हमे आती नहीं…
*जब आप “फिक्र” में होते हो तो,खुद जलते हो… और* *आप “बेफिक्र” होते है,तो दुनिया जलती है…
यकीन मानो रिश्ता तोड़कर एक बार रोना….. रिश्तें में रहकर रोज रोज रोने से लाख गुना बेहतर होता है….
सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें , इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना ।
Udasiyo ki vajah to bhut mil jati hai… . . . . . . . . . . . . Continue Reading..
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