jindaa rhne k liye…. rooh ki jrut hoti h saash ki nhi..
तेरे पास रहकर तुझे कभी खुशी तो नहीं दे पाए पर अब तेरे पास रहकर तेरे दुख की वजह कभी Continue Reading..
हम वही हैं बस ज़रा सा ठिकाना बदल दिया है आजकल तेरे दिल से निकल कर अब अपनी औक़ात में Continue Reading..
अब हर कोई हमें आपका आशिक़ कह के बुलाता है इश्क़ नहीं न सही मुझे मेरा वजूद तो वापिस कीजिए Continue Reading..
अंदाजा लगाओ मेरी मोह्हबत का इस बात से ही. तुम्हारे नाम का हर शख्स मुझे अच्छा लगता है…!!
जारी है मेरी कलम से स्याही का रिसना….. बस तुम दर्द देने का सिलसिला बरकरार रखना !
आज रुठा हुआ इक दोस्त याद आया, अच्छा गुजरा हुआ कुछ वक्त बहुत याद आया।
Itna na sataya kar ke raat bhar na so sake hum, Subah ko surkh ankhon ka sabab pochte hain log
*वो इश्क वो ख्वाब, वो वादे और जाने कहाँ गुम हो गए ॥। कल तक तो सिर्फ हम थे और Continue Reading..
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