कभी झुकने की तमन्ना कभी कड़वा लहजा अपनी उलझी हुयी आदतों पे रोना आया
बहुत मुस्कुरा रहे हो जनाब, लगता है तुम्हारा इश्क अभी नया नया है ।
आदत बना ली है….मैंने खुद को तकलीफ देने की, ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो फिर तकलीफ न हो.
Aa kuch likhdu tere bare meIN, Tu bhi dhundhti hogi khud ko mere Lafzon meIN
यूँ तो शिकायते आप से सैंकड़ों हैं मगर.. आप एक मुस्कान ही काफी है मनाने के लिये।
उन लोगों को कभी मत भुलाना जिंदगी में, जिन्होंने आपका साथ तब दिया जब आपके पास कोई नहीं था !!
लोग तो वही रहते है बस वक्त के साथ उनका बर्ताव बदल जाता है
जा और कोई ज़ब्त की दुनिया तलाश कर ऐ इश्क़ हम तो अब तेरे काबिल नहीं रहे।
उनको समझो जिन्दगी 💜, उनको समझो प्यार 💑, धड़के 💓 दिल जिसके लिए, एक पल में सौ सौ बार.
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