तकदीर इतनी भी बुरी नहीं थी, पर कुछ रिश्तों ने नरक बना दी जिंदगी को
किसी को प्यार करो तो इतना करों की उसे जब भी प्यार मिलें… तो तुम याद आओ….
*यहां लोग अपनी गलती नहीं मानते* *किसी को अपना कैसे मानेंगे…
जुबां कह न पाई मगर आँखे बोलती ही रही. कि मुझे सांसो से पहले तेरी जरूरत है.
तुझको देखा तो फिर उसको ना देखा ग़ालिब.. चाँद कहता रह गया, मैं चाँद हूँ मैं चाँद हूँ
मैं क्यो #कहुँ की बात करो #मुझसे.. क्या उसे नही #पता कि कोई नही मेंरा #उसके सिवा
Ek Baar Dard_e_Dil khatam kar Dey……. Ay Mohobaat Halaf dety HAin Dobara Muhabbat Nahi karain Gay,,, .
आँसू वो खामोश दुआ है जो सिर्फ़ खुदा ही सुन सकता है।
बुराई को खत्म करने निकले तो अच्छाई चार कदम ओर आगे निकल गई…
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