पसंन्द आया तो दिल में , नही तो दिमाग में भी नही ।
पढ़ रहा हूँ मै इश्क़ की किताब ऐ दोस्तों…… ग़र बन गया वकील तो बेवफाओं की खैर नही – v
इतना आसान नही जीवन का किरदार निभा पाना, इंसान को बिखरना पड़ता है रिश्तो को समेटने के लिए.
-Dooriyan Huye Toh Galat’Fehmiyaan Bhi Barh Gaye, Phiir Usne Woh Bhii Suna Jo Maiine Kaha Hi Nahii .. ‘
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले यहाँ दिल तो बहुत मिलते है,बस कोई दिल से Continue Reading..
Udaasii Kaan Meiin Chup Kay Sey Kehney Lagii, Meiin Thak Gaye Hoon Chalii Jaun Agar Ijazat Ho ..
कभी मुझको साथ लेकर, कभी मेरे साथ चलकर…! वो बदल गया अचानक, मेरी जिंदगी बदल कर…!!
लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार भी तुम्हारा है, तुम झूठ को सच लिख दो, अखबार भी तुम्हारा है..!!
जुबान का वजन बहुत कम होता है लेकिन इसको बहुत कम लोग ही संभाल पाते है
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