कितनी बुरी आदत है ना मेरी….* *बहुत जल्दी भरोसा कर लेता हूं लोगो पर
-Akele Hum Hii Shamiil Nahii Haii Is Jurm Meiin ‘Jnaab Nazreiin Jab Milii Thii Muskuray Tum Bhii The .. ‘
शौक से बदल जाओ तुम मगर ये ज़हन मैं रखना की…… हम जो बदल गये तो तुम करवटें बदलते रह Continue Reading..
गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें हैं कितने भला कैसे कह दूं कि “माँ” अनपढ़ है मेरी।।
मैं रोज अपने खून का दिया जलाऊँगा, ऐ इश्क तू एक बार अपनी मजार तो बता
कमाल करते है हमसे जलन रखने वाले, महफिले खुदकी सजाते है और चर्चे हमारे करते है
मुहब्बत है गर, तो मिज़ाज ज़रा नर्म रक्खो हुज़ूर.. ज़िद्दी होने से, इश्क़ के सुकून में ख़लल पड़ता है..
सिर्फ एक ही तमन्ना रखते हैं हम अपने दिल में… बस महोब्बत से याद करो चाहे मुद्दतों न बात करो..
~अब भी रोज तुम्हारे स्टेट्स पर एक नजर मार लेता हूं,, ये सोच कर शायद तुमने मेरे बारे में भी Continue Reading..
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