हर ख़ता माफ़ कर दुंगा सिर्फ इतना बता दे, . क़ि तुमने मुहब्बत के लिये मुझे ही क्यों चुना
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सोच रहा हूँ कुछ ऐसा लिखू की वो पढ़ के रोये भी ना और रातभर सोये भी ना..|• manjeet kherki….
रंग कैसा है तुम्हारे प्यार का.. जख़्म दिल के सब गुलाबी हो गए
Zruri nehi jO shairi kary ussy ishq hO .. Zindagi wesy hi zakhm be_shumaar deti hai ..!!
Toot Jata Hai Raabta khud Say Tujh Say Jab Raabta Nahi Hota.
हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर…
Mohabbat Na Thii Toh Bataya Toh Hota, Bechara Dil Tumharii Khamoshii Ko Ishq Samjh Baiitha ..
खुद के खोने का पता ही नहीं चला… , किसी को पाने की ‘इन्तहा’ कर दी मैंने….?
सारी उम्र जिस घर को सजाने में गुजार दी , उस घर में मेरे नाम की तख्ती तलक नहीं !
