राख से भी आएगी खुशबू मोहब्बत की, मेरे खत तुम सरेआम जलाया ना करो..!!
सीख रहा हूँ धीरे-धीरे तेरे शहर के रीवाज . जिस से मतलब निकल जाये उसे जिंदगी से निकाल दो
धमकियाँ देता है और वो भी जुदाई की, मुहब्बत में भी देखो बदमाशियाँ मेरे यार की___
*फिर उड़ गयी नींद ये सोच कर……* *सरहद पर बहा वो खून मेरी नींद के लिए था…..!!
इस दुनिया में वफा करने वालों की कमी नहीं ह दोस्तों बस_मोहब्बत ही उस इन्सान से हो जाती हैजीसे मोहब्बत Continue Reading..
जिंदगी सफ़र पर निकल चुकी है… मंजिल कब मिलेगी तू ही बता ये मेरे खुदा..!
सारा बदन अजीब से खुशबु से भर गया शायद तेरा ख्याल हदों से गुजर गया..
बहुत देर तक मेरे साथ रहा करती है…. ये जो ख़ामोशी है न तेरी…. बहुत कुछ कहा करती है….!!
Ae gham-e-zindagi na ho naraz, Mujhe ko aadat hai muskuraane ki..
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