ख्वाहिश नहीं मुझे मशहूर होने की। आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी
जनाजा भारी था उस गरीब का क्यूंकी, वो अपने सारे अरमान साथ लिए जा रहा था
उसे किस्मत समझ कर गले से लगाया था हमने, पर भूल गए थे हम किस्मत बदलते देर नही लगती
में अब वो 😢आँशु बहा रहा हूँ जो मेरी किस्मत 😢में लिखे नही थे
बारिश की बूंदों में झलकती है तेरी तस्वीर, आज फिर भीग बैठे तुझे पाने की चाहत में !!
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी, और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!
~Jis Ne Choer Diya Mujhy Puraney Saal Ki Tarha, Usey Naya Saal Bhi Mubarak Naye Yaar Bhi Mubarak .. ‘
तुम से जिद करते तो हम मांगते क्या…! खुद से जिद करके तो तुमको मांगा था.
मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया। दिल तोड़ दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझ पर लगा Continue Reading..
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