मेरे जख्मी दिल को छुआ ना करो… मरजाने दो मुझको जीने की दुआ ना करो…
क्या बयां करूँ कि लब अब खामोश रहते हैं, जुदा होकर उनसे हम अधूरे से लगते हैं
खेलने दो उन्हें जब तक जी न भर जाए उनका.,…, मोहब्बत 4 दिन की थी तो शौक कितने दिन का Continue Reading..
हमारे कत्ल के लीऎ तो मीठी जुबांन ही काफी है… अजिब शक्स थे वो जो खंजर तलाश रहे थे..!
में बहुत ज़ालिम हूँ ऐ मेरे दिल….. तुझे हमेशा उसके हवाले किया है, जिसे तेरी कदर ही नहीं…!!
लापरवाह सही तुम्हें याद तो करते है.. आदतें बुरी ज़रूर है दिल के बुरे नही है हम..
-Guzar Hi Jayengi Furqat Ki Ye Lambii Raatein, Jo Tu Nahi Na Sahi Tera Intezaar To Haii .. ‘
तुम्हे क्या पता किस “दर्द” मे हूँ मैं ! जो कभी लिया ही नही,उस “कर्ज़” मे हूँ मैं
-Aap Khud Hi Apnii AdaaO Pe Zara Gaur Kijiye, Hum Araz Krengey Toh Shikayat Hogi .. ‘
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