मेरे जख्मी दिल को छुआ ना करो… मरजाने दो मुझको जीने की दुआ ना करो…
मुझे फर्क नहीं पता अपनो और गैरो का, हर कोई हँसा है मुझे रोता देखकर
शायरी शौक नही, और नाही कारोबार है मेरा, बस दर्द जब सह नही पाता, तो लिख देता हूँ
मांग लूँ यह मन्नत की फिर यही जहाँ मिले.. फिर वही गोद फिर वही माँ मिले..
तेरी गली में आकर के खो गये हैं दोंनो.! मैं दिल को ढ़ूँढ़ता हुँ दिल तुमको ढ़ूँढ़ता है.!
जो मेरी आँखो मे पलको पे रहता था, आज काजल लगाया तो बहुत याद आया।
~ Shikway To Buhat Hain ,Magar Shikayat Nahe Kar Sakta ~ ~ Mere Honton Ko Ijazat Nahe HaiUske Khilaf Bolne Continue Reading..
जुबां तीखी हो तो खंजर से गहरा जख्म देती है,😰 और मीठी हो तो वैसे ही कत्ल कर देती है.
Hum Toh Fanaa Ho Gey Uskii Ankheiin Dekh Kar, Naa Janey Woh Aaiina Kaisey Dekhtey Hongey ..
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