दिल खामोश सा रहता है आज कल,
मुझे शक है कहीं मर तो नहीं गया मैं :))
बिछड़े थे किस गुरूर से वो भी तो याद कर, आए जो अब आँख में आँसू,फिज़ूल हैं…!!
कौन कहता है …, रब नज़र नहीं आता वही नज़र आता है.., जब नज़र कुछ नहीं आता….
दर्द तो ऐसे पीछे पड़ा है मेरे,* *जैसे मैं उसकी पहली मोहब्बत हूँ !!*
तकदीर मेँ ढूंढ रहा था तस्वीर अपनी, न ही मिली तस्वीर, ओकात मिल गई अपनी
मौत को देखा तो नही पर शायद वो बहुत खूबसूरत होगी, कम्बख्त जो भी उस्से मिलता है जीना छोड देता Continue Reading..
लोग तो वही रहते है बस वक्त के साथ उनका बर्ताव बदल जाता है
जिंदगी की उलझनों ने मेरी शरारतें कम कर दीं, और लोग समझते है कि मैं समझदार हो गया
वो मोहब्बत भी जहर बन जाती है….. अगर किसी को हद से ज्यादा चाहो……
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *