सोचा था आज कुछ तेरे सिवा सोचूँ तब से सोच में हूँ कि और क्या सोचूँ
मोहब्बत हो या काला धन….. छुपाकर रखोगें तो नुकसान खुद का ही है..
-Adat Mujhe Andher’On Se Darne Ki Daal Kar, Aik Shakhs Meri Ziindagi Ko Raat Kar Gaya .. ‘
हमने तुम्हें उस दिन से और ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ के तुम हमारे होना नही चाहते.
सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था, वो मेरी जान चाहती थी और मैं जान से ज्यादा उसे
दिल मेरा भी कम खूबसूरत तो न था,⁉ मगर मरने वाले हर बार सूरत पे ही मरे !!
Tumhari Khusbu Se Mehakti Hai Wo Gazle Bhi, Jinme Likhti Hu Mai “Ki Tumhe Bhul Gai Hu.”
-Woh Niibha Na Saka Yeh Alag Baat Hai, Par Kiiye The Jo Waade Gazab Ke The .. ‘
सहजता से निभ सके वे ही रिश्ते सुखद है जिन्हें निभाना पड़े वो रिश्ते नहीं दुनियादारी है !! 🌺💐🙏 *शुप्रभात* Continue Reading..
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