सोचा था आज कुछ तेरे सिवा सोचूँ तब से सोच में हूँ कि और क्या सोचूँ
~Umar Bhar Rahugi Gulam Haii Koi Jo Us Sa Mila De .. ‘
*फिर उड़ गयी नींद ये सोच कर……* *सरहद पर बहा वो खून मेरी नींद के लिए था…..!!
इंसान सिर्फ आग से नहीं जलता, कुछ लोग तो हमारे अंदाज से जल जाते है।
अपनों की चाहत मे मिलावट थी इस कदर. मैं तंग आकर दुश्मनों को मनाने निकल गया..
हर सजा क़बूल की सर झुका के हमने, जैसे कोई बहुत बड़ी भूल कर दी दिल लगा के हमने !!
हमारी तो ज़ुबान भी इतनी बात नहीं करती •• जितनी तुम्हारी आंखें करती है
हम तो बिछडे थे तुमको अपना अहसास दिलाने के लिए, मगर तुमने तो मेरे बिना जीना ही सिख लिया।
मुमकिन नहीं है हर रोज मोहब्बत के नए किस्से लिखना, मेरे दोस्तों अब मेरे बिना अपनी महफ़िल सजाना सीख लो।
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