कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
हम सा काहिल न मिलेगा कहीं खुद ख्वाहिशें हमसे तंग सजन
मुझे मालूम था कि वो रास्ते कभी मेरी मंजिल तक नहीं जाते थे .. फिर भीमैं चलता रहा क्यूँ कि Continue Reading..
दुश्मनी जम कर करो लेकिन इतनी गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जायें तो शर्मिंदा कोई न हो..
किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में, पहले से बेहतर दिखने लगा है.
एक तो कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादो की धुंध, बेहाल कर रखा है इश्क मे मौसमो ने भी।….
यूँ तो मुक्कमल कर दिया है मुझे इश्क़ ने तेरे.. पर तक़दीर के चलते रह गए ज़िन्दगी के कुछ पन्ने Continue Reading..
तेवर तो हम वक्त आने पर दिखायेँगेँ.. शहर तुम खरीद लो हूकूमत हम चलायेँगेँ
बचपन में भरी दुपहरी नाप आते थे पूरा महोल्ला, 💗जब से डिग्रियाँ समझ में आई, पाँव जलने लगे
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