कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
Maine Tarrap kar bola bohat Yaad atay ho tum…!! Wo Muskura kar bole tumhe orr aata hi kya hai.
कुछ फैसलो का क्या बताये हाल । दूसरो की ख़ुशी की कीमत अपने आंसुओ से चुकानी पड़ती है ।
सामान बाँध लिया है मैंने भी अब बताओ दोस्त 😥, वो लोग कहाँ रहते है जो कहीं के नहीं रहते।
बेवफाई तो सभी कर लेते है जानेमन , तू तो समझदार थी कुछ तो नया करती
~Ab Toh Bas Jaan Dene Ki Baari Haii, Meiin Kaha Tak Saabit Karu Mujh Meiin Bhii Waffa Haii .. ‘
कहा था ना मैने “सोच लो तुम” जिन्दगी भर रिश्ते निभाना आसान नहीं होता..
ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे जिस दिन तुझे देखा, यकीन भी हो गया !!
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से, के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी…
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