“”कुछ तो रहम कर ए-संग दिल सनम, इतना तङपना तो लकीरों मे भी न था..
Meri khamoshi bahot kuch kehti hai Kaan laga kar nahin, Dil laga kar suno
जो समझते थे की पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता है, प्यार के लिए पल-पल तरसते मैंने ऐसे कई Continue Reading..
चलता रहूँगा मै पथ पर, चलने में माहिर बन जाउंगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या मुसाफिर बन जाउंगा !
~Maloom Hota Haii Bhool Gey Ho Shayad, Yaah Phiir Kmaal Ka Sabar Rakhtey Ho .. ‘
मेरा वक़्त बोला मेरी हालत को देख कर, मैं तो गुजर रहा हूँ तू भी गुजर क्यों नहीं जाता.
राख से भी आएगी खुशबू मोहब्बत की, मेरे खत तुम सरेआम जलाया ना करो..!!
Taseer e mohabat kis ko kehte hain.. Tera majboor kar dena mera majboor ho jana
इत्तेफ़ाक़ से मिल जाते हो जब वो राह में कभी, यूँ लगता है करीब से ज़िन्दगी जा रही हो जैसे।
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