कहता है इबादत करता हूँ पर दिल की जगह जुबा से काम लेता हूँ
तकलीफ कि इन्तेहा तो तब है, जब लोग जिंदा रहे और रिश्ते मर जाये…
मौहब्बत की मिसाल में,बस इतना ही कहूँगा । बेमिसाल सज़ा है,किसी बेगुनाह के लिए ।
~Bas Ek RaaT Mulaqat Ka Hua Wada, Wo Din Or Aj ka Din Neend Phir Nahi Ayi .. ^
Meri Wafa Fareb Thi,, Meri Wafa Pe khaak Daal.!! Tujh Sa Hi koi Ba’Wafa Tujh Ko Mily Khuda Kary.!!
दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है
“दुखो के बोझ में ज़िन्दगी कुछ इस तरह डूबे जा रही हैं की मेरी हर एक चाहत, हर एक आस Continue Reading..
वो भी आधी रात को निकलता है और मैं भी, फिर क्यों उसे “चाँद” और मुझे “आवारा” कहते हैं
जिंदगी भी अजीब है जैसे जैसे कम हो रही है वैसे वैसे ज्यादा पसंद आती जा रही है…!!
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