हम सा काहिल न मिलेगा कहीं खुद ख्वाहिशें हमसे तंग सजन
सोच रहा हूँ कुछ ऐसा लिखू की वो पढ़ के रोये भी ना और रातभर सोये भी ना..|• manjeet kherki….
जा और कोई ज़ब्त की दुनिया तलाश कर ऐ इश्क़ हम तो अब तेरे काबिल नहीं रहे।
कहते हे कि पत्थर दिल रोया नही करते तो.. फिर पहाङो से ही झरने क्यो बहा करते है ..”
Bahut khaas the kabhi nazro mai kisi ke hum bhi, Magar nazro ke takaze badalne main der kaha lagti hai
नाज़ुक लगते थे जो हसीन लोग, वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले.
ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन, बेहद ही करीब से गुजर कर बिछड़ गया कोई !!
सुनो तुम दिल दुखाया करो इजाजत है बस कभी भूलने की बात मत करना
तुम साथ हो तो मुकद्दर पे हकुमत हैं अपनी। बिन तेरे ज़िन्दगी की औकात ही क्या हैं।।
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