बेकसूर कोई नहीं इस ज़माने मे, बस सबके गुनाह पता नहीं चलते.
ख्वाहिशों का झरना एक तुम भी हो मेरी लापता मोहब्बत की मिसाल एक तुम भी हो
Is sy ziyada or kiya dard dein ham apny aap ko Ye kafi hai kay ham tery bin rahny lagy Continue Reading..
मौजूद थी उदासी अभी पिछली रात की, बहलाया था दिल ज़रा सा के फिर रात हो गयी…
इतनी मतलबी हो गई हैं आँखें मेरी, कि तेरे दीदार के बिना दुनिया अच्छी नहीं लगती..!!!
गुज़र गया दिन अपनी तमाम रौनके लेकर. ज़िन्दगी ने वफ़ा कि तो कल फिर सिलसिले होंगे.
मुझको खो दोगे तो पछताओगे बहुत …! ये आखरी गलती तुम बहुत सोच-समझ कर करना …!!
किसी और का हाथ कैसे थाम लूँ…. वो तन्हा मिल गयी कभी तो क्या जवाब दूँगा…..!!
~Bare Sukoon Se Rukhsat To Kar Dia Us Ko, Phir Us K Baad, Muhabbat Ne Inteha Kar Di ..^
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