बेकसूर कोई नहीं इस ज़माने मे, बस सबके गुनाह पता नहीं चलते.
वो इतना रोई मेरी मौत पर मुझे जगाने के लिए.. मैं मरता ही क्यूँ अगर वो थोडा रो देती मुझे Continue Reading..
हाथ मे बस एक ‘बासुँरी’ कि कमी है वरना, गोपिया हमने भी कई ‘फसाई’ है..!!
सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने मेरी नींदों से.. या तो दोनों आते हैं, या कोई नहीं आता..
Woh Samajhta Hai K Har Shakhs BadaL Jata Hai Usay Lagta Hai Zamana Us Kay Jaisa Hai..!!
बहुत खूब कहा है किसी ने जी लो हर पल को वरना ना जिदगी रहेगी और ना ही पल
सुना है आजकल तेरी मुस्कुराहट गायब हो गयी है, तू कहे तो फिर से तेरे क़रीब आ जाऊँ.
सांसों के सिलसिले को ना दो ज़िन्दगी का नाम, जीने के बावजूद भी मर जाते हैं कुछ लोग !!
सुंदरता मन की रखो, फेसवाश से सिर्फ मुँह चमकता है दिल नहीं !!
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