लड़कियाँ खिलौना नही होती… जनाब.. पिता तो यूँ ही प्यार से गुड़िया कहते हैं
गुज़र रहा हूँ तेरे शहर से क्या कहूँ क्या गुज़र रही है.
ना रात कटती है और ना जिन्दगी… एक शख्स मेरे वक्त को इतना धीमा कर गया…!!
पेड़ को काटने आये हैं कुछ लोग, मगर, धूप बहुत तेज है तो, उसकी छांव में बैठे हैं……….
-Jeena Itna Mushkiil Toh Nahii Bas Thorii Sii Waffa Chahiiye .. ‘
अपनी मौत भी क्या मौत होगी ,, एक दिन यूँ ही मर जायेंगे तुम पर मरते मरते !! :’)
Band muthhi se girti hui rait ki manind … Bhula dia na tum ne mujhe zarra zarra kr k
हाँ मैं डरता हूँ कहने से , कि मुझे मुहब्बत है तुमसे , मेरी जिंदगी बदल देगा , तेरा इकरार Continue Reading..
Bhula dia hota use kab ka ae dost.. kaash ki usne kaha na hota ki mujhe kabhi bhul mat jana.
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