हम सादगी में झुक क्या गए , तुमने तो हमे गिरा हुआ ही समझ लिया
कुछ दोस्त भी अजीब होते है।😍 पढ़ते सब है लिखते कुछ नही
निगाहों से भी चोट लगती है जब हमें कोई देखकर भी अनदेखा कर देतें हैं !!
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी Continue Reading..
“Shayad Ye Zamana Unhe Bhi Pujne Lage, Kuch Log Isi Khayal Se Patthar Ke Hone Lage..”
जिँदगी से हम अपनी कुछ भी उधार नही लेते . कफन भी लेते है तो अपनी जिँदगी देकर
तोड़ दिये मैंने घर के सारे ही आईने, क्यूंकि इश्क में हारे हुए लोग मुझे बिल्कुल पसंद नहीं ।।
क्यों पहनती हो चूड़ी, क्यों पहनती हो कंगना,* *सजने का ही शोक है तो फिर बना लो न सजना .😀
दुआ करो की..मैं कोई रास्ता निकाल सकूँ… तुम्हे भी देख सकूँ…खुद को भी सम्भाल सकूँ….
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