हम सादगी में झुक क्या गए , तुमने तो हमे गिरा हुआ ही समझ लिया
आज गुमनाम हूँ तो ज़रा फासला रख मुझसे… कल फिर मशहूर हो जाऊँ तो कोई रिश्ता निकाल लेना..!!
~सुना है कि तुम रातों को देर तक जागते हो यादों के मारे हो या मोहब्बत में हारे हो l
मौहब्बत की मिसाल में,बस इतना ही कहूँगा । बेमिसाल सज़ा है,किसी बेगुनाह के लिए ।
~ Ek Chehre Pe Hazzar Chehre Haii, Kis Chehre Ka Aitbaar Karoon .. ‘
Soch rakhi han buhat si batein tumahin sunany ko Tum ho y aaty hi nahi hamein manaany kay liye…!!!
आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें, सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत है!
*यहां लोग अपनी गलती नहीं मानते* *किसी को अपना कैसे मानेंगे…
जब भी देखती है मुझे, नज़रें झुका लेती है वो, खुदा का शुक्र है, हमें पहचान तो लेती है वो।
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