*यहां लोग अपनी गलती नहीं मानते* *किसी को अपना कैसे मानेंगे…
Mujhe Ek Baat Se Bahut Sukoon Milta Hai. Mera Koi Nahi But Mai Sabka Hun.. !!
सुनो तुम मेरी जिद नहीं जो पूरी हो… तुम मेरी धड़कन हो जो जरुरी हो.
अपना परिचय अगर खुद देना पड़े, तो समझ लीजिये कि सफलता अभी दूर है..!
Hotii Agar Mohabbat Baadal Kay Saye Kii Tarha, Meiin Tere Sheher Meiin Kabhii Dhoop Na Aaney Detii ..
~Hum Ishq K Us Muqaam Par Khare Hain, Jahan Ankhe Kisi Aur Ko Dekhe To Gunah Lagta Hai .. ‘
कोई सुलह करा दे जिदंगी की उलझनों से… बड़ी तलब लगी है आज मुस्कुराने की
मौहब्बत की मिसाल में,बस इतना ही कहूँगा । बेमिसाल सज़ा है,किसी बेगुनाह के लिए ।
आप कब सही थे। इसे कोई याद नही रखता। लेकिन आप कब गलत थे इसे सब याद रखते है।…
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