शब्द “दिल” से निकलते हैं… “दिमाग”से तो उसके मतलब निकलते हैं…
कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते, रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते.
तेरा नाम जुबाँ पर आते आते रुक जाता है… . जब कोई मुझसे मेरी आखरी ख्वाहिश पूछता है…
हद से ज्यादा प्यार तब करो जब सामने वाला तुम्हारे प्यार के काबिल हो, क्यूंकि बेवफा लोगों पर प्यार लुटाने Continue Reading..
दिलबर मेरे कब तक मुझे ऐसे ही तडपाओगे, एक कान के नीचे लगा दूंगा तो पल में सुधर जाओगे !!
क्या क्या रंग दिखाती है जिंदगी क्या खूब इक्तेफ़ाक होता है, प्यार में ऊम्र नही होती पर हर ऊम्र में Continue Reading..
बहुत सौचकर आज खुद से ये सवाल किया मैने, . . ऐसा क्या है मुझमे के लोग मुझसे वफा नही Continue Reading..
अब कहा जरुरत है हाथों मे पत्थर उठाने की, तोडने वाले तो जुबान से ही दिल तोड देते हैं
दोस्तो से अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले,, कमबख्त हर बात पर कहते हैं कि तुझे छोडेंगे नहीं.
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *