बचपन में भरी दुपहरी नाप आते थे पूरा महोल्ला, 💗जब से डिग्रियाँ समझ में आई, पाँव जलने लगे
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दुआ करो की..मैं कोई रास्ता निकाल सकूँ… तुम्हे भी देख सकूँ…खुद को भी सम्भाल सकूँ….
-Akele Hum Hii Shamiil Nahii Haii Is Jurm Meiin ‘Jnaab Nazreiin Jab Milii Thii Muskuray Tum Bhii The .. ‘
मोहब्बत हो या काला धन….. छुपाकर रखोगें तो नुकसान खुद का ही है..
-Chor Diiya Hum Ne Hamesha Kay Liye Uski Arzoo Karna, Jis Ko Mohabbat Ki Qadar Na Ho Usy Duaon Meiin Continue Reading..
तुम्हारे एक लम्हें पर भी मेरा हक नही ना जाने तुम किस हक़ से मेरे हर लम्हें मैं शामिल हो
मेरी आँखों में मत ढूंढा करो खुद को पता है ना.. दिल में रहते हो खुदा की तरह
~Chalo Mana Ke Tumhaari Aadat Hai Tarpaana, Zara Socho Hum Marr Gy To Kya Karo Gy..?’
छोटे थे तो सब नाम से बुलाते थे, बड़े हुए तो बस काम से बुलाते है
