भरोसा तो अपनी साँसों का भी नही है, और हम इंसानो पर करते है
कहता है इबादत करता हूँ पर दिल की जगह जुबा से काम लेता हूँ
कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते, रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते.
~Woh Roz Jorhtah Haii Mujhe, Phiir Se Torhney Ke Liiye .. ‘
किताबें भी पढ़ने का शौक़ नहीं था हमें, और इस इश्क़ ने आँखें पढ़ना सिखा दिया !!
तुम्हारे हर सवाल का जवाब मेरी आँखों में था और तुम मेरी जुबान खुलने का इंतज़ार करते रहे।
जहां तक रिश्तों का सवाल है लोगो का आधा वक़्त अन्जान लोगों को “इम्प्रेस” करने और अपनों को “इग्नोर” करने Continue Reading..
नींद तो बचपन में आती थी अब तो mobile को rest देने के लिए सो जाते हैं
इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी मुझे☺😍 फिर से आज जीने की वजह मिल गयी❤
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