भरोसा तो अपनी साँसों का भी नही है, और हम इंसानो पर करते है
मैं रोज अपने खून का दिया जलाऊँगा, ऐ इश्क तू एक बार अपनी मजार तो बता
अब खा ले कुछ तू भी बहुत भूखी होगी,,,, देख चाँद आया है फलक पर मोहब्बत बनकर ।।।
अब ऩ कोई हमे अपनेपन का यकीन दिलाये, हमें रूह में भी बसा कर निकाला है लोगो ने..
कभी अपनी उम्र और पैसो पर घंमड मत करना क्योकि जो चीजे गिनी जा सके वह यकीनन खत्म हो जाती Continue Reading..
जिँदगी से हम अपनी कुछ भी उधार नही लेते . कफन भी लेते है तो अपनी जिँदगी देकर
बड़े अजीब से हो गए रिश्ते आजकल.. सब फुरसत में हैं पर वक़्त किसी के पास नही
चेहरे अजनबी हो भी जायें तो कोई बात नहीं लेकिन, रवैये अजनबी हो जाये तो बड़ी तकलीफ देते हैं…….!!
सुनो तुम मेरी जिद नहीं जो पूरी हो… तुम मेरी धड़कन हो जो जरुरी हो.
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