कोई ढूंढ रहा है प्यार अपना, तो कोई दौलत के पीछे पागल है। मैं तो खोया हूँ अपने रंग-बिरंगे ख्यालों में, जबकि मेरी जिंदगी में छाए अंधेरे के बादल है
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मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख, मुझसे भी बुरे है लोग तू घर से निकलकर तो देख
तु मिले या न मिले ये मेरे मुकद्दर की बात है.. ”सुकुन” बहुत मिलता है तुझे अपना सोचकर
Mohabt kisi se Tb Hi Krna Jb Mohabt Ko nibhna seekh lo, Mjburiyon Ka Sahara Le Kr Chorr Dena Wafadari Continue Reading..
आज रुठा हुआ इक दोस्त याद आया, अच्छा गुजरा हुआ कुछ वक्त बहुत याद आया।
छोड़ तो सकता हूँ मगर छोड़ नहीं पाता उसे, वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है.. …
~Mere Dil Meiin Ziiada Der Tak Rehta Nahi Koi, Log Kehte Hain Mere Dil Meiin Saya Haii Tera .. ‘
एक दिन हम एक-दुसरे को यह सोच कर खो देगे, कि वो याद नही करता तो मै क्यो करू
जुबां तीखी हो तो खंजर से गहरा जख्म देती है,😰 और मीठी हो तो वैसे ही कत्ल कर देती है.
