Chalo baat le apni sajaye | Na tum yaad aao na ham yad aaye ||
नींद तो बचपन में आती थी अब तो mobile को rest देने के लिए सो जाते हैं
मुझे नींद की इजाज़त भी उसकी यादों से लेनी पड़ती है, जो खुद सो जाया करती है मुझे करवटों में Continue Reading..
उनके हाथ पकड़ने की मजबूती जब ढीली हुई तो एहसास हुआ शायद ये वही जगह है जहां रास्ते बदलने है Continue Reading..
ना पा सका उसे, यू सारी ‘उम्र’ चाहकर, कोई’ ले गया उसे, कुछ ‘रस्मेँ’ निभाकर.
बदल जाती है जिंदगी की सच्चाई उस वक्त, जब कोई तुम्हारा.. तुम्हारे सामने.. तुम्हारा नहीं होता.
तकलीफ कि इन्तेहा तो तब है, जब लोग जिंदा रहे और रिश्ते मर जाये…
सोचते थे तुमसे बिछड़ के जी नहीं पायेंगे, हाँ जी तो रहे है “मौत का इंतजार करते करते।”
वो रूठ्कर बोला तुम्हे सारी शिकायते हमसे ही क्यू हैं … हमने भी सर झुकाकर बोल दिया की हमे सारी Continue Reading..
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