कुछ अज़नबी लोग पहले अपना बनाते है! फिर अपना बनाकर छोड़ जाते है !
बहन का प्यार है इसमें हिफाज़त का तक़ाज़ा भी, इसी रेशम के धागे पर कलाई नाज़ करती है।
Meiin Woh Shaam Nahi Jo Guzar Jaugii, Hoon Sard Si Raat Meiin Guzarugii Lekiin Thehar Thehar Kay ..
Muhabbat kesi bhi h0 Sahib…! Sajda kerna sikha deti hai…!
जारी है मेरी कलम से स्याही का रिसना….. बस तुम दर्द देने का सिलसिला बरकरार रखना !
~Mere Haq Me Khushiyon Ki Dua Karte Ho, Tum Khud Mere Kyun Nahi Ho Jate .. ^
टूट सा गया है मेरी चाहतो का वजूद…. अब कोई अच्छा भी लगे तो हम इजहार नहीं करते
अगर मोहब्बत नही थी तो बता दिया होता; तेरे एक चुप ने मेरी ज़िन्दगी तबाह कर दी!
~Umar Bhar Rahugi Gulam Haii Koi Jo Us Sa Mila De .. ‘
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