जो मेरी आँखो मे पलको पे रहता था, आज काजल लगाया तो बहुत याद आया।
सवर रही है….अब वो …. किसी और के लिए, पर मैं…. बिखर रहा हूँ …..आज भी उसी के लिए
पूरी दुनिया से जुदा सी है वो, हम जिसे चाहते है खुदा सी है वो !!
हद से ज्यादा बढ चुका है तेरा नजरअंदाज करना; ऐसा सलूक ना करो कि हम भूलने पर मजबूर हो जाये…!
Ye wajbaat_e_ishQ hum pe hi Qarz kyu …?? Wo bhi adaa kry k muhabbat usy bhi thi …
दोस्तो से अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले,, कमबख्त हर बात पर कहते हैं कि तुझे छोडेंगे नहीं.
हवा के झोंके से पुछता हूं हाल उनका शायद वो उनके शहर से गुजरा हो
दिल्लगी कर जिंदगी से, दिल लगा के चल जिंदगी है थोड़ी, थोडा मुस्कुरा के चल ….
Pehli mulaqat thi aur hum dono hi bebas the, wo zulfien na sambhal sake aur hum khud ko..!!
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