उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब… यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी
तुम्हारे दिल में कैद हैं हमारी धड़कनें.. धड़कते रहना वरना मर जाएंगे हम.. !
जिस के जी में जो आता है कह जाता है… दिल का क्या है सबकी सुन के रह जाता है…
जिंदगी अगर समझ ना आयी,तो मेले में अकेला, अगर समझ आ गई…….तो अकेले में मेला.
मोहब्बत यूँ ही किसी से हुआ नहीं करती…. अपना वजूद भूलाना पडता हैकिसी को अपना बनाने के लिए…।
मेरे लफ्जो से मत कर मेरे किरदार का फैसला . तेरा वजूद मिट जाएगा मेरी हकीकत ढुढते ढुढते ණ™
शायद मुझे सुकून तेरे पास ही मिले… मुझको गले लगा बहुत बेक़रार हूँ……..
नींद छीन रखी है उसकी यादो ने मेरी, गिला उसकी दूरी से करूँ या अपनी चाहत से
ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन, बेहद ही करीब से गुजर कर बिछड़ गया कोई !!
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