मेला लग जायेगा उस दिन शमशान मे,
जिस दिन मे चला जाँऊगा आसमान मे
तेरी यादोँ के ‘नशे’ मेँ, अब ‘चूर’ हो रहा हूँ, लिखता हूँ ‘तुम्हेँ’ और, ‘मशहूर’ हो रहा हूँ.
चलता रहूँगा मै पथ पर, चलने में माहिर बन जाउंगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या मुसाफिर बन जाउंगा !
Mat puchh kaise guzar rahi hai zindagi, Us daur se guzar rahi hu jo guzarta hi nahi
एक पगली ने पूछा, भाई ये ‘Smiles’ कहाँ मिलेगी…..? . मैंने भी मुस्करा कर कह दिया:……………..???? . . . . Continue Reading..
ना कर शक मेरी मोहब्बत पर ऐ पगली…. . अगर सबूत देने पर आया तो तू बदना हो जायेगी…
दोपहर तक बिक गया बाजार का हर एक झूठ , और मैं एक सच लेकर शाम तक बैठा
इतनी उदास न हो, ऐ जिन्दगी खोते वही हैं, जो कुछ पाने की तमन्ना रखते हैं |
Kaam aisa karo ki naam ho jaye, ya phir, Naam aisa karo ki sunte he kaam ho jaye…!
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