मेला लग जायेगा उस दिन शमशान मे,
जिस दिन मे चला जाँऊगा आसमान मे
सुना है आजकल तेरी मुस्कुराहट गायब हो गयी है, तू कहे तो फिर से तेरे क़रीब आ जाऊँ.
Aa kuch likhdu tere bare meIN, Tu bhi dhundhti hogi khud ko mere Lafzon meIN
यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे तेरे आज से, मगर कभी – कभी बिता हुआ कल याद आता है..
इंतेजार भी कितनी अजीब चीज हे ना खुद करे तो, गुस्सा आता है, और.. दूसरा कोई करे तो अच्छा लगता Continue Reading..
बहुत सोचा कि अब बात ही नही करूँ तुमसे, फिर सोचा झगड़ा किससे करूँगा |
hum ne har ghum main nikhaari hain tumhari yaadain… Hum kOi tum thy jo duniya se shikayt karty …
नजरे झुका कर बात कर पगली, जितने कपड़े है तेरे पास उतने तो मै रोज लफड़े मे फाड़ देता हु
रोज़ ख्वाबों में जीता हूँ वो ज़िन्दगी … जो तेरे साथ मैंने हक़ीक़त में सोची थी
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