में किसी ओर का नहीं हु फिलहाल
.. कोई तो मेरी हो जाओ
~Jis Ne Choer Diya Mujhy Puraney Saal Ki Tarha, Usey Naya Saal Bhi Mubarak Naye Yaar Bhi Mubarak .. ‘
जिंदगी जला दी हमने जब जैसी जलानी थी, अब धुऐ पर तमाशा कैसा और राख पर बहस कैसी.
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही , कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..।
वो तो हम जैसे शायरों ने लफ़्ज़ों सेसजा रखा है… वरना मोहब्बत इतनी भी हसीं नहीँ होती…
देख पगली दिल मेँ प्यार होना चाहिए… धक-धक तो Royal Enfield भी करता है!
सारी ज़िंदगी रखा है बे-वफ़ा रिश्तों का भरम___!! सच पूछो तो कोई भी अपने “सिवा अपना” न था____!!!
मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब… ये भी न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी Continue Reading..
कमाल की तक़दीर पाई होगी उस शॅक्स ने जिसने तुझसे मोहोब्बत भी ना की हो और तुझे पा लेगा..
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