में किसी ओर का नहीं हु फिलहाल
.. कोई तो मेरी हो जाओ
इतना सितम से पहले सोचा भी नहीं उसने, मैं सिर्फ दीवाना नहीं.. इंसान भी था
अगर बेवफाओं की अलग ही दुनिया होती तो, मेरे वाली…कमीनी…वहाँ की रानी होती
फिर से हो रही थी मोहब्बत उन्हें मुझसे…. ना खुलती आँख तो ,बस वो मेरे हो ही चुके थे… ..✍♡💕
खामोशियाँ तेरे मेरे बीच…कितनी सच्ची लगती हैं… लफ्जों के धोखे से कहीं दूर…चुपके से हंसते हैं….
~Meiin Tumharii Woh Yaad Hoon, Jisey Tum Aksar Bhool Jatey Ho ..’
तेरे प्यार की हिफाजत कुछ इस तरह से कि मैंने , जब भी किसी ने प्यार से देखा तो नज़रे Continue Reading..
je pyr bhi ajeeb h, jo ise jan le…. ye kmbkhat usi ki jaan le leta h….
शब्द “दिल” से निकलते हैं… “दिमाग”से तो उसके मतलब निकलते हैं…
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